फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोह के सदस्य को एसटीएफ ने दबोचा 

देहरादून। एसटीएफ ने फर्जी तरीके से बाहरी राज्यों के शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी से 1 फर्जी शस्त्र लाईसेन्स बरामद किया। आरोपी फर्जी तरीके से बाहरी राज्यों के शस्त्र लाइसेंस बनवाकर और फर्जी एनओसी के आधार पर राज्य में रजिस्टर्ड कराता था। साथ ही एसटीएफ की टीम ने पूर्व में भी एक आरोपी को 01 फर्जी शस्त्र लाइसेंस, 1 अवैध सैमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 5 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।

राज्य में शस्त्र लाइसेंस रजिस्टर्ड कराकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिए जाने की सूचना पर एसटीएफ टीम ने थाना क्लेमेनटाउन, जनपद देहरादून पर मुकदमा दर्ज कराकर, संदिग्ध आरोपी की तलाश की। साथ ही अपराध में शामिल आरोपी अमित यादव निवासी हुमनत रेजिडेंसी, देहरादून को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक अवैध शस्त्र लाइसेंस बरामद किया गया है।

एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ को पिछले कुछ समय पहले सूचना प्राप्त हुई थी कि बाहरी राज्यों से अपराधी किस्म के लोगों ने फर्जी तरीके से अवैध शस्त्र लेकर उत्तराखंड की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराए हैं। इस सूचना की जांच और कार्रवाई के लिए टीम नियुक्त की गई। टीम ने जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून, मेरठ व पंजाब आदि राज्यों से पत्राचार कर जानकारी की गयी। प्राप्त सूचनाओं आदि से एक शस्त्र लाइसेंस का जिला अमृतसर, पंजाब से ट्रांसफर होने के बाद साल 2017 में जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून की शस्त्र पंजिका में अंकन होना पाया गया।

गहन जांच व और अधिक जानकारी करने पर पता चला कि शस्त्र लाइसेंस अमृतसर पंजाब से बना ही नहीं होना पाया गया। जिस पर टीम ने कार्रवाई करते हुए सूचना के आधार पर लाइसेंस धारक अमित यादव को लकड़ मंडी के पास, देहरादून से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान पता चला है कि बड़े स्तर बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर उत्तराखंड के कई जनपदों में दर्ज कराए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी ने राज्य के जिलाधिकारी कार्यालयों की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराए गए फर्जी लाइसेंस व शामिल व्यक्तियों के बारे में जानकारी कर आगे कार्रवाई की जाएगी।साथ ही आरोपी के खिलाफ आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

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