हरिद्वार। पुलिस मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे ऑपरेशन स्माइल अभियान के अंतर्गत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने हरकी पैड़ी क्षेत्र से दो नाबालिग बालकों को रेस्क्यू किया। दोनों बालक अत्यंत दयनीय अवस्था में सर्दी से ठिठुरते हुए पाए गए।
रेस्क्यू किए गए बालकों में पहला 14 वर्षीय बालक बदायूं (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद वह बुआ के पास रहता था, लेकिन करीब तीन वर्ष पूर्व घर से निकल गया। इसके बाद वह अलीगढ़ और बरेली में भटकता रहा और दो दिन पूर्व हरिद्वार पहुंचा, जहां छोटे-मोटे काम और भंडारों में भोजन कर जीवन यापन कर रहा था। इस बालक को नई घाट के समीप से रेस्क्यू किया गया।
दूसरा 9 वर्षीय बालक अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) का निवासी है, जो 16 जनवरी की सुबह घर से भागकर हरिद्वार आ गया था।
AHTU टीम द्वारा दोनों बालकों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के उपरांत चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया। जांच के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति हरिद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां काउंसलिंग के पश्चात दोनों बालकों को कनखल स्थित खुले आश्रय गृह में संरक्षण प्रदान किया गया।
पुलिस ने दोनों बालकों के परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेस्क्यू अभियान में मुख्य आरक्षी राकेश कुमार, मुख्य आरक्षी बिना गोदियाल, आरक्षी दीपकचंद, आरक्षी जयराज सिंह तथा महिला आरक्षी गीता देवी शामिल रहीं।