मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली पवित्र नदियाँ पूरे भारत को अभिसिंचित करती हैं, उसी प्रकार उत्तराखंड से प्रारंभ हुई “समान नागरिक संहिता” की धारा भी देश के अन्य राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बहु-विवाह एवं विवाह विच्छेद से जुड़े कुछ मामले सामने आए हैं, जिन पर सख्त प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि धर्मांतरण और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध आवाज उठाना हेट स्पीच कहलाता है, तो यह उनके लिए स्वीकार्य है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, श्री सुरेश गड़िया, श्री बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह श्री शैलेश बगोली, डीजीपी श्री दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य एवं पूर्व मुख्य सचिव श्री शत्रुघन सिंह, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, श्री मनु गौड़, श्री अजय मिश्रा, विशेष सचिव गृह श्रीमती निवेदिता कुकरेती सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।