देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को सहसपुर स्थित श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज के 70वें स्थापना वर्ष पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में शामिल हुए। इस ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने स्कूल की भूमिका को सराहते हुए कहा कि आजादी के बाद स्थापित यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सैनी की 35 वर्षों की सेवाओं की भी सराहना की और कहा कि उनके मार्गदर्शन में पढ़े छात्र आज देशभर में नाम कमा रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यालय द्वारा बेटियों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों की जमकर प्रशंसा की और कहा कि यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की सच्ची मिसाल है। उन्होंने छात्रों से समय का सदुपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि मेहनत और लगन से ही सफलता हासिल होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आई है। पिछले तीन वर्षों में पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई और 20,000 से अधिक युवाओं को निष्पक्ष तरीके से सरकारी नौकरी मिली है।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया है। राज्य में 141 पीएम-श्री स्कूल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, 50 वर्चुअल क्लासरूम और सभी स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकें लागू की गई हैं। मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि के साथ भारत भ्रमण की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने आपदा, महामारी या दुर्घटना में अनाथ हुए बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष योजना शुरू की है। साथ ही 20 मॉडल कॉलेज, 9 नए महाविद्यालय, महिला छात्रावास, आईटी लैब और परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा की गई पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सातवां स्थान हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की योजना भी शुरू की गई है।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, प्रधानाचार्य डॉ. रविंद्र कुमार सैनी, डॉ. डीएस मान, आचार्य आशीष सेमवाल, एसडीएम विकासनगर विनोद समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।