देहरादून। नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर निकली उत्तराखंड की झांकी ने अपनी खास छाप छोड़ी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झांकी को देखकर हाथ हिलाकर टीम का अभिवादन किया। उपस्थित गणमान्य लोगों ने भी ताली बजाकर झांकी का स्वागत किया। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में 15 राज्यों की झांकियां शामिल हुईं, जिनमें उत्तराखंड की झांकी की थीम “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” थी।
उत्तराखंड की झांकी ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक खेलों को खूबसूरती से दर्शाया। झांकी के अग्रभाग में पारंपरिक ऐपण कला को बनाती हुई महिला को दिखाया गया। ऐपण कला उत्तराखंड की एक विशेष कला है, जिसे पूजा कक्ष, घरों के प्रवेश द्वारों और दीवारों पर चावल के आटे और गेरू से बनाया जाता है। वहीं, झांकी के ट्रेलर भाग में राज्य के साहसिक खेलों और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें नैनीताल और मसूरी में हिल साइकिलिंग, फूलों की घाटी और केदारकांठा की ट्रैकिंग, औली में स्नो स्कीइंग, और ऋषिकेश में योगा, बंजी जंपिंग, जिप-लाइनिंग व रॉक क्लाइम्बिंग शामिल थे।
नोडल अधिकारी और संयुक्त निदेशक केएस चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस बार सांस्कृतिक विरासत और साहसिक खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए झांकी तैयार की थी। झांकी की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जिस अपनापन का संकेत दिया, वह पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। सूचना विभाग और सभी कलाकारों को इस अद्भुत प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई। उत्तराखंड की झांकी न केवल दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रही, बल्कि राज्य की अनूठी पहचान को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त तरीके से प्रस्तुत किया।
