विश्व सनातन महापीठ धर्म संरक्षण और वैदिक मूल्यों की पुनर्स्थापना में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : करौली शंकर महादेव

हरिद्वार। तीर्थ सेवा न्यास द्वारा स्थापित किए जा रहे **विश्व सनातन महापीठ** की उद्घोषणा एवं शिला पूजन कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। शिला पूजन और संत समारोह में प्रतिभाग करते हुए **करौली शंकर महादेव** ने कहा कि सनातन धर्म की वैश्विक रक्षा, वैदिक मूल्यों की पुनर्स्थापना और समाज में चेतना जागरण के लिए विश्व सनातन महापीठ एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

अपने उद्बोधन में करौली शंकर महादेव ने कहा कि **सनातन धर्म का मूल आधार मूल्य शिक्षा है**। यदि समाज में मूल्य शिक्षा नहीं होगी तो समाज टिक नहीं सकेगा, और जब समाज ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो धर्म की रक्षा भी संभव नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विश्व सनातन महापीठ का उद्देश्य केवल धार्मिक निर्माण नहीं, बल्कि **चरित्र निर्माण, मानव निर्माण और समाज निर्माण** है, जो आज के समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों, युवाओं और परिवारों तक **वैदिक मूल्यों और नैतिक शिक्षा** को पहुँचाना ही इस महापीठ का मूल संकल्प है। आने वाली पीढ़ियों को संस्कारित करने के लिए शिक्षा में वैदिक और नैतिक मूल्यों का समावेश समय की मांग है। महादेव जी ने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज तभी महान बनता है जब वह अपनी **संस्कृति, परम्परा और मूल्यों** से जुड़ा रहे। 

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