हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को पनीर और मिठाई निर्माण इकाइयों, मिठाई दुकानों, डेयरियों, ढाबों और रेस्टोरेंट के खिलाफ सघन निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुल 12 खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
सोहलपुर, कलियर के पास स्थित वाजिद स्वीट्स में निरीक्षण के दौरान करीब 1.6 कुंतल सफेद रसगुल्ला, 15 किलो गुलाबी रसगुल्ला, 25 किलो स्टार्च पाउडर और करीब 40 किलो मिल्क केक मिला। मिठाइयों को जंग लगे और गंदे टीन के कनस्तरों में रखा गया था। कई कनस्तरों में मरी हुई मधुमक्खियां और मक्खियां भी मिलीं। निर्माण स्थल पर गंदगी, कच्ची फर्श और साफ-सफाई का अभाव पाया गया।.
खाद्य सुरक्षा टीम ने रसगुल्ला और स्टार्च पाउडर के तीन नमूने जांच के लिए लिए। इसके बाद शेष मिठाइयों और करीब दो क्विंटल स्टार्च पाउडर को मौके पर ही नष्ट कराया गया। इकाई में मिठाई निर्माण कार्य अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया गया तथा फर्म का एफएसएसएआई लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
सिडकुल स्थित पनीर निर्माण इकाई के निरीक्षण में फ्रीजर में करीब 50 किलो संदिग्ध पनीर मिला। पनीर एनालॉग है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए एक नमूना प्रयोगशाला भेजा गया। मौके पर कोई हानिकारक केमिकल नहीं मिला।
वहीं, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा की टीम ने मायापुर, कनखल, रानीपुर मोड़ और ज्वालापुर में आठ डेयरियों, ढाबों, रेस्टोरेंट और सप्लायर का निरीक्षण कर घेवर, पतीसा, खुले दूध, पैक्ड दही और पैक्ड ऑयल के पांच नमूने लिए। रुड़की में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पांडेय की टीम ने मिठाई दुकानों का निरीक्षण कर मिठाइयों के तीन नमूने लिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जिले में विशेष निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।