हरिद्वार, 25 जुलाई। ज्वालापुर स्थित शहीद जगदीश वत्स पार्क में शनिवार को अमर शहीद जगदीश वत्स की 101वीं जयंती ऐतिहासिक स्तर पर मनाई गई। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति (रजि.) के अनुरोध पर जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद वंदे मातरम् और राष्ट्रगान हुआ तथा मुख्य अतिथियों ने शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों और वरिष्ठ पत्रकारों को अंगवस्त्र, मोतियों की माला एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि देशभर में अमर शहीद जगदीश वत्स का यशोगान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारों का सम्मान राष्ट्र का कर्तव्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए देशभर के सेनानी परिवारों को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने सेल्यूलर जेल के ऐतिहासिक महत्व तथा असम सरकार की ओर से मिले सम्मान का भी उल्लेख किया।

रघुवंशी ने शहीद जगदीश वत्स के जीवन और बलिदान का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्होंने हरिद्वार में तीन स्थानों पर तिरंगा फहराया। पुलिस की गोलियों से गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर देहरादून ले जाया गया, जहां उपचार के अभाव में मात्र 17 वर्ष की आयु में उन्होंने वीरगति प्राप्त की।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारों के हितों की रक्षा के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में शहीद जगदीश वत्स की जयंती को जिला स्तर के साथ-साथ प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी मनाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि शहीद जगदीश वत्स का देशभक्ति का आदर्श आज भी प्रेरणादायी है। उन्होंने सम्मानित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए और हरित हरिद्वार अभियान के तहत तुलसी एवं फलदार पौधों का वितरण भी किया।

कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार, हरित ऋषि विजय पाल बघेल, सुरेश चंद्र सुयाल, वरिष्ठ पत्रकार शशि शर्मा, रजनीकांत शुक्ला, अरुण पाठक, जगदीश लाल पाहवा, देशबंधु, डॉ. वेदप्रकाश आर्य, यशपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों, नगर निगम अधिकारियों, कर्मचारियों और युवाओं ने भाग लिया।