भगवानदास बोला_ मैं नहीं मारता तो मेरी हत्या कर देती पत्नी

काशीपुर। पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या करने के बाद फरार हुए आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हिरासत में आरोपी ने बताया कि अगर वह अपनी पत्नी की हत्या नहीं करता तो उसकी पत्नी उसकी हत्या कर देती। पुलिस ने मृतका के पुत्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

 जानकारी के अनुसार यहां मोहल्ला ओझान निवासी भगवान दास यादव ने बीती रात अपनी दूसरी पत्नी सुनीता देवी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी, और फरार हो गया था। इस मामले में मृतका के पुत्र सनी ने मुकदमा दर्ज करवाया था घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। सीओ दीपक सिंह के निर्देश पर कोतवाल अमरचंद शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। इसी क्रम में नगर में आसपास के संदिग्ध स्थानों पर ढूंढ खोज और नाकेबंदी कर हत्यारोपी भगवानदास को कलश मंडप जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी भगवानदास ने बताया कि वह जल संस्थान से फिटर के पद से रिटायर्ड हुआ है। सुनीता देवी बिचौलिया बन कर शादियां करवाती थी, जिससे उसका सम्पर्क हुआ। उसके बेटे राहुल का रिश्ता भी सुनीता देवी ने करवाया था। सुनीता देवी ने अपने व उसके साथ के आपसी संबंध की वीडियो बनवा ली थी, और उसके आधार पर उस पर दबाव बनाकर उससे शादी कर ली थी। भगवानदास ने बताया कि वह अक्सर मेरी सम्पत्ति पर नजर रखती थी तथा सम्पत्ति को बेचने का दबाव डालती रहती थी। सुनीता उसके पुरुषत्व को ठेस पहुंचाती थी और रेलवे के टीटी से चौथी शादी करने की बात बोलती थी। पूर्व में वह दो शादियां कर चुकी थी। उसने उसकी जिंदगी खराब कर रखी थी। अगर वह उसे न मारता तो वह उसे मार देती। भगवानदास ने बताया कि उसने सुनीता देवी के नाम पर मकान खरीदने के लिए प्रोपर्टी डीलर को 1.5 लाख रुपये दिये हैं, जिसकी कल-परसों रजिस्ट्री होनी थी, उसके बाद सुनीता मुझे मरवा देती, क्योंकि मैंने सुनीता व उसके बेटे को बात करते हुए सुना था कि रजिस्ट्री होने के बाद इसका काम तमाम कर देंगे। भगवानदास ने बताया कि उसने दिल में ठान ली थी कि मैं इसे मार दूंगा और उसने सुनीता को बहकावे में लेकर उसके बाल पकड़ कर सब्जी काटने वाले चाकू से उसका गला रेत दिया। मुझे उसकी मौत का कोई मलाल नहीं है। मैं सुनीता को नहीं मारता तो वह मेरी सम्पत्ति व मुझे नुकसान पहुंचा देती। पुलिस टीम में सीओ दीपक सिंह, कोतवाल अमर चन्द शर्मा, एसएसआई अनिल जोशी, एसआई सौरभ भारती, विपुल जोशी, चन्दन सिंह, मनोज धौनी, कंचन पड़लिया, संतोष देवरानी, एएसआई अजीत सिंह, प्रकाश बोरा आदि शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *