देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार चारधाम यात्रा 2025 के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में इस बार यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वास्थ्य सुविधाओं से सशक्त बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। चारधाम और यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं में इस बार अभूतपूर्व विस्तार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि केदारनाथ में 17 बेड और बद्रीनाथ में 45 बेड के नए अस्पताल खोले जा रहे हैं, जहां तीर्थयात्रियों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर 25 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके। इस साल यात्रा मार्ग में 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 31 स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो उच्च ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की निगरानी करेंगे। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी जैसे ट्रांजिट जिलों में 37 स्थायी स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया गया है और नई स्क्रीनिंग इकाइयों की स्थापना की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने 154 एम्बुलेंस तैनात करने का निर्णय लिया है, जिनमें 17 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। इसके अलावा, एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस और टिहरी झील में बोट एम्बुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी, ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके। पिछले साल 34,000 से अधिक मेडिकल आपातकालीन मामले सामने आए थे, जिसमें 1,011 मरीजों को एम्बुलेंस द्वारा और 90 मरीजों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया था। इस बार स्वास्थ्य मित्रों (फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर) की संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि जरूरतमंद श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त किया जा रहा है। ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल को अपग्रेड कर इसमें SOS बटन जोड़ा जाएगा, जिससे तीर्थयात्री आपात स्थिति में तुरंत मदद मांग सकेंगे। इसके अलावा, प्वाइंट ऑफ केयर टेस्टिंग डिवाइस के जरिए तीर्थयात्रियों के 28 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंडों की त्वरित जांच की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए केंद्र सरकार से विशेष धनराशि मंजूर की गई है और गुप्तकाशी में 50 बेड के अस्पताल के लिए बजट स्वीकृत किया गया है।
हाई-रिस्क तीर्थयात्रियों की पहचान के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य घोषणा को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, आपातकालीन कॉल सेंटर को और मजबूत किया जाएगा, साथ ही यात्रा मार्ग पर होटल, धर्मशाला, खच्चर चालकों और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का यह प्रयास है कि चारधाम यात्रा 2025 न केवल आध्यात्मिक रूप से बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी सुरक्षित और सुकूनदायक हो।