देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य आंदोलनकारियों के लंबित चिन्हीकरण की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की मांग की है। मंच ने जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से भेजे ज्ञापन में सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिसंबर 2021 की कटऑफ डेट तक आए आवेदन आज तक लंबित पड़े हैं, जिन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है।
मंच ने मुख्यमंत्री द्वारा वरिष्ठ आंदोलनकारी सुभाष बर्थवाल को उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद् का उपाध्यक्ष नियुक्त करने पर आभार जताया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि कई वरिष्ठ आंदोलनकारी आज भी पहचान और सम्मान की बाट जोह रहे हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई बुजुर्ग माताएं, जिनका अब तक चिन्हीकरण नहीं हुआ, खुद को अपमानित और उपेक्षित महसूस कर रही हैं।
आंदोलनकारी मंच ने मांग की है कि जिला स्तरीय समितियों और राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद को अधिक अधिकार दिए जाएं ताकि चिन्हीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित हो सके।