हरिद्वार। उत्तराखंड माटी कला बोर्ड में गैर-कुम्हार समाज के लोगों की नियुक्ति को लेकर प्रजापति समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों ने सोमवार को प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार के निर्णय पर कड़ा विरोध जताते हुए नियुक्तियों को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
प्रजापति समाज के नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा माटी कला बोर्ड में अनुराधा वालिया को उपाध्यक्ष तथा हरिजीत सिंह और श्यामल कुमार को सदस्य नियुक्त किया गया है। उनका आरोप है कि ये नियुक्तियां कुम्हार समाज से संबंधित नहीं हैं, जिससे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर के प्रजापति समाज में रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि विभिन्न राष्ट्रीय प्रजापति संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं राष्ट्रपति को ईमेल और डाक के माध्यम से ज्ञापन भेजे जा रहे हैं।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि माटी कला बोर्ड का गठन कुम्हार समाज के पारंपरिक व्यवसाय, आर्थिक उन्नयन एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। ऐसे में बोर्ड में उन्हीं लोगों को जिम्मेदारी मिलनी चाहिए, जिन्हें मिट्टी कला और उससे जुड़े कार्यों का व्यावहारिक अनुभव एवं तकनीकी ज्ञान हो।
उन्होंने मांग की कि बोर्ड में नियुक्त गैर-कुम्हार उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को तत्काल हटाकर उनके स्थान पर कुम्हार समाज के योग्य सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों को नियुक्त किया जाए। साथ ही वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रजापति समाज को पांच विधानसभा सीटों पर टिकट देने तथा लोकसभा एवं राज्यसभा में भी उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड में प्रजापति समाज का कोई विधायक अथवा सांसद नहीं है। ऐसे में समाज को उसकी जनसंख्या और योगदान के अनुरूप राजनीतिक भागीदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जल्द ही समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेगा।
प्रेस वार्ता में अरुण कुमार प्रजापति, राजाराम प्रजापति, बबीता योगाचार्य, रविंद्र कुमार प्रजापति, पवनदीप प्रजापति, विजय प्रजापति, मेला राम प्रजापति, बल्लू राम प्रजापति, राधेश्याम सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।