देहरादून। मुख्यमंत्री से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं, सुशासन मॉडल और राज्य में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ तीव्र गति से विकास करने वाला राज्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम, पंचकेदार, पंचबदरी, पंचप्रयाग, हेमकुंड साहिब, पूर्णागिरि, जागेश्वर, आदि कैलाश और ओम पर्वत जैसे धार्मिक स्थलों के कारण राज्य देश-विदेश में विशेष पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन के साथ साहसिक, ईको, वेलनेस, ग्रामीण और होमस्टे आधारित पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण पिछले चार वर्षों में 25 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु उत्तराखण्ड पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केदारनाथ और बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत दोनों धामों में व्यापक पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं।
धामी ने कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों में सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ पर्यटन विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं और उन्हें विश्वास है कि छत्तीसगढ़ से आए पत्रकार उत्तराखण्ड की विकास यात्रा और पर्यटन संभावनाओं को देशभर तक पहुंचाएंगे। उन्होंने पत्रकारों के माध्यम से छत्तीसगढ़वासियों को आगामी कुंभ में देवभूमि उत्तराखण्ड आने का आमंत्रण भी दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए राज्य में हो रहे विकास कार्यों, आधारभूत संरचना और पर्यटन क्षेत्र में हुए बदलाव की सराहना की।
इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, छत्तीसगढ़ सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक धनंजय राठौर सहित 20 से अधिक पत्रकार मौजूद रहे।