देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि डोईवाला (देहरादून), पाइनस (नैनीताल) और सोमेश्वर (अल्मोड़ा) में निर्माणाधीन बाबू जगजीवन राम छात्रावासों का कार्य हर हाल में अक्टूबर तक पूरा किया जाए, ताकि अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने योजनाओं के एकीकरण, वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री आवास सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से जून-2026 की पेंशन राशि 9,80,950 लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की। कुल ₹145.42 करोड़ की इस राशि में केंद्र सरकार का अंश ₹7.02 करोड़ और राज्य सरकार का अंश ₹138.40 करोड़ रहा।
जारी पेंशन में वृद्धावस्था पेंशन के 6.11 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹91.69 करोड़, विधवा पेंशन के 2.35 लाख लाभार्थियों को ₹35.38 करोड़, दिव्यांग पेंशन के 88,787 लाभार्थियों को ₹13.32 करोड़, किसान पेंशन के 27,207 लाभार्थियों को ₹3.26 करोड़ सहित अन्य योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को भी सहायता राशि प्रदान की गई।
बैठक में बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को माध्यमिक, उच्च एवं विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान को प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा उत्तराखंड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने के लिए प्रेरित हों।
बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण सचिव एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।