हरिद्वार। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने रुड़की ब्लॉक की बेलड़ा ग्राम पंचायत को मॉडल के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है। योजना सफल होने पर इसे प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू किया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं गांव में घर-घर जाकर कूड़ा संग्रहण कर रही हैं। इसके लिए प्रत्येक परिवार से मात्र 30 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने बेलड़ा ग्राम पंचायत का निरीक्षण कर राधे-राधे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था देखी।
सीडीओ ने ग्राम प्रधान के नेतृत्व में संचालित व्यवस्था की सराहना करते हुए प्रत्येक विकासखंड से 10-10 ग्राम प्रधानों की टीम बनाकर बेलड़ा का अध्ययन भ्रमण कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य अन्य ग्राम पंचायतों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था लागू करना है। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।
सीडीओ ने अन्य ग्राम पंचायतों में बेलड़ा मॉडल लागू कराने के लिए सभी खंड विकास अधिकारियों को प्रधानों के समूह बनाकर व्यवस्था का अध्ययन कराने के निर्देश दिए। स्वच्छता कंट्रोल रूम के प्रभारी नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी को ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायतों को सूचीबद्ध करने और आवश्यक संसाधनों की मांग संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने को कहा गया।
ग्रामीण स्वच्छता से जुड़ी समस्या या सुझाव स्वच्छता कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8273371714 पर दिए जा सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि महिलाओं की भागीदारी से यह पहल ग्रामीण स्वच्छता के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आजीविका और सशक्तीकरण को भी बढ़ावा देगी।