लक्ष्य से अधिक बिजली उत्पादन के बावजूद बढ़ी दरों पर उठे सवाल 

हरिद्वार। वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन ने बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लेने की मांग की है। संगठन अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने कहा कि एक ओर यूजेवीएनएल की ओर से बिजली उत्पादन लक्ष्य से अधिक होने की जानकारी दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर कम उत्पादन और बिजली खरीद के खर्च का हवाला देकर उपभोक्ताओं पर लगातार अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सितंबर माह में घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल में प्रति यूनिट 26 पैसे से 67 पैसे तक की वृद्धि की गई है। वहीं व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी की बिजली दरों में इससे भी अधिक बढ़ोतरी हुई है।

चौधरी चरण सिंह ने बताया कि 26 सितंबर को प्रकाशित समाचारों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में यूजेवीएनएल ने 320.353 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया है, जो निर्धारित लक्ष्य से 3.60 करोड़ यूनिट अधिक है। अगस्त 2026 में 74.25 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जो अगस्त 2025 की तुलना में 14.76 करोड़ यूनिट अधिक है। सितंबर में अब तक 52.39 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन होने की जानकारी दी गई है।

उन्होंने कहा कि जब बिजली उत्पादन लक्ष्य से अधिक हो रहा है तो कम उत्पादन और अन्य खर्चों के नाम पर दरों में बार-बार बढ़ोतरी करना उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। संगठन ने सरकार से बढ़ी हुई बिजली दरें वापस लेने, बिजली उत्पादन पर होने वाले खर्च की समीक्षा करने और पारदर्शी तरीके से बिजली की दरें निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में बिजली खरीद के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने की मांग की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *