हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला दिव्य एवं भव्य स्वरूप में संपन्न हो, भारत की एकता अखण्डता व समृद्धि तथा मां गंगा की स्वच्छता, निर्मलता के संकल्प के साथ आयोजित हो रही दण्डवत यात्रा की सफलता व निर्विघ्न सम्पन्न होने की कामना हेतु नया उदासीन अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक श्री श्री 1008 शंकर करौली महादेव महाराज ने कनखल स्थित पौराणिक श्री दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर शंकर करौली महादेव महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का जल, दुग्ध एवं अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक कर विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति, सामाजिक समरसता और सनातन धर्म की प्रतिष्ठा की कामना की। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की कि भारतवर्ष निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े और देश में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली का वातावरण बना रहे।
रुद्राभिषेक के उपरांत महामंडलेश्वर शंकर करौली महादेव महाराज ने कहा कि भगवान शिव की आराधना लोककल्याण और विश्व शांति का संदेश देती है। भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक विरासत से है। सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना प्रत्येक सनातनी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्र भक्ति और शक्ति दोनों क्षेत्रों में समृद्ध एवं सशक्त बने। देश की एकता और अखंडता अक्षुण्ण रहे तथा भारतीय सनातन धर्म एवं संस्कृति की पताका विश्वभर में लहराती रहे। भारत की आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा मिले, इसके लिए संत समाज को भी समाज में धर्म, संस्कार, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के प्रयास करने चाहिए।
महामंडलेश्वर ने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भारतीय सभ्यता की जीवनधारा हैं। गंगा की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। प्रत्येक व्यक्ति को मां गंगा के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उन्हें स्वच्छ रखने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने आगामी कुंभ मेले को लेकर कहा कि कुंभ सनातन धर्म की महान आध्यात्मिक परंपरा और संत-महात्माओं के समागम का विश्वविख्यात पर्व है। कुंभ का आयोजन दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित हो तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का भव्य स्वरूप देखने को मिले, यही उनकी भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना है।
उन्होंने सभी देशवासियों से सनातन धर्म, संस्कृति, राष्ट्र की एकता और मां गंगा की निर्मलता के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। विद्वान आचार्यों ने विधि-विधान से रूद्राभिषेक सम्पन्न करवाया।
इस अवसर पर संस्था के प्रबंधक डॉ. उमेश सचान, कोठारी महंत नितिन दास, अनिरूद्ध भाटी, अनिरूद्ध शर्मा उपस्थित रहे।