हल्द्वानी। लालकुआं कोतवाली क्षेत्र की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है। इसी कड़ी में रविवार को परिजनों समेत स्थानीय लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जमकर हंगामा किया।
परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही और उत्पीड़न के आरोप लगाए। पोस्टमार्टम हाउस में प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन की मध्यस्थता में समझौता हुआ, जिसमें 6 लाख मुआवजा और मृतका के भाई-बहन को नौकरी देने पर सहमति बनी। नैनीताल जिले के लालकुआं कोतवाली क्षेत्र स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत 21 वर्षीया एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। मृतका के पिता का कहना है कि कंपनी में श्रमिकों का उत्पीड़न पहले भी होता रहा है और उनकी बेटी को समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उसकीइसी बीच युवती का मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वो ड्यूटी खत्म कर साथियों के साथ कंपनी गेट से बाहर निकलती दिखाई दे रही हैं। गेट से कुछ ही दूरी पर चलते-चलते वो अचानक जमीन पर गिर जाती हैं, उसे गिरता देख साथी कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। जान चली गई। परिजनों ने ये भी आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन मौत से पहले का पूरा सीसीटीवी फुटेज दिखाने से बच रहा है। आनन-फानन में कंपनी प्रबंधन की ओर से उसे हल्द्वानी के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रविवार को परिजनों और स्थानीयकाफी देर चली वार्ता और जिला प्रशासन की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। समझौते के तहत पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपए का मुआवजा, मृतका की बहन और भाई को नौकरी देने के साथ फंड से जुड़े दस्तावेज जल्द पूरे कराने में सहयोग देने पर सहमति बनी है। लोगों ने शव को कंपनी गेट पर रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी, जिसके बाद प्रशासन और कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मच गया।