मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा शहीद स्थल पर राज्य आंदोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी में विकसित करने और संग्रहालय के विस्तार की घोषणा की। संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री शामिल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्य आंदोलनकारी शहीदों की प्रतिमाएं अभी स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में स्थापित की जाएंगी। रामपुर तिराहा में शहीदों की प्रतिमाओं के लिए ₹27 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की भी बात कही।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, निःशुल्क बस यात्रा सहित कई सुविधाएं दी जा रही हैं। रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी के शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण एवं विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को समृद्ध और सशक्त बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।