हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं का उत्तर प्रदेश सीमा पर मंडावर-छुटमलपुर में भव्य स्वागत द्वार से स्वागत होगा। समुद्र मंथन की पौराणिक कथा और कुंभ की आध्यात्मिक परंपरा पर आधारित यह प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं को हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की पहली झलक देगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाए जा रहे इस स्वागत द्वार के लिए राज्य सरकार ने 204.19 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। करीब साढ़े छह मीटर ऊंचे द्वार को कुंभ के आध्यात्मिक महत्व और उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
समुद्र मंथन की कथा कुंभ पर्व की धार्मिक मान्यता से गहराई से जुड़ी है। अमृत कलश से जुड़ी इसी पौराणिक परंपरा को स्वागत द्वार की थीम में प्रमुखता दी जा रही है। इसके आसपास के क्षेत्र का भी सौंदर्यीकरण कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को कुंभ क्षेत्र में प्रवेश करते ही आकर्षक और उत्सवपूर्ण वातावरण मिले।
मंडावर मार्ग उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख मार्गों में शामिल है। ऐसे में यह स्वागत द्वार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए कुंभ नगरी की पहली भव्य झलक बनेगा।
स्वागत द्वार का निर्माण शुरू हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्माण कार्य समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने और नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए।
यह स्वागत द्वार कुंभ नगरी में श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के साथ-साथ समुद्र मंथन की पौराणिक गाथा और देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनेगा।