देहरादून। इन्वेस्टमेन्ट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग के एक सदस्य को एसटीएफ ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। करोड़ों रूपये की इस ठगी प्रकरण में इस गैंग के मास्टर माइंड सहित अब तक 5 शातिरों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि श्रीनगर, पौडी गढवाल के निवासी नागरिक द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अक्टूबर से दिसम्बर 2025 के मध्य अज्ञात साइबर ठगों (कथित रजत वर्मा व मीना भटृ आदि) द्वारा उसे एक लिंक के माध्यम से एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोडा गया था व प्रतिदिन 5 प्रतिशत से अधिक कमाने का झांसा देकर एक लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाया गया और निवेश के नाम पर विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से रुपये जमा करवाकर कुल लगभग 1,31,76,000ध्कृ (एक करोड़ इकतीस लाख छिहत्तर हजार रुपये) की धोखाधड़ी की गयी। कुछ समय पश्चात शिकायतकर्ता को स्वंय के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातोंध् रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों ध् व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण एवं विवेचना के आधार पर उक्त अपराध में संलिप्त अपराधियों को चिन्ह्ति कर तलाश जारी की गयी, विवेचना के दौरान जानकारी में आया कि उक्त साईबर अपराध में संलिप्त गैंग के महाराष्ट्र निवासी 3 सदस्य केन्द्रीय कारागार पटियाला में किसी अन्य अपराध में निरुद्ध हैं, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुये उक्त तीनों अपराधियों का वारण्ट बी प्राप्त कर देहरादून लाया गया व बीती 25 मार्च को इस मुकदमें में रिमाण्ड लेकर देहरादून जेल भेजा गया तथा संलिप्त एक अन्य अपराधी अरवाज सैफी को बीती 9 अप्रैल को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साईबर टीम द्वारा जांच में और तेजी लाते हुये उक्त अपराध में संलिप्त एक अन्य आरोपी रिंकू पुत्र किशोरी लाल निवासी जिला झुंझुनूं राजस्थान को चिन्हित कर उसकी तलाश प्रारंभ की गयी और इसी क्रम में आरोपी रिंकू को झुंझुनू राजस्थान से गिरफ्तार किया गया जिसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाईल फोन और सिम बरामद हुआ है। पीड़ित के साथ ठगी के रुपयों में से 2 लाख रूपये की धनराशि आरोपी रिंकू के बैंक खाते में बरामद हुई थी, जिसे उसके द्वारा तत्समय सेल्फ चेक के माध्यम से निकाला गया था। जांच से रिंकू के बैंक खाते के खिलाफ पूरे भारत वर्ष में कई शिकायतें दर्ज होना प्रकाश में आयी हैं जिनमें अब तक तेलंगाना, तमिलनाडू, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यो में 16 शिकायतें प्रकाश में आयी हैं।