हरिद्वार। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर कानपुर स्थित श्री करौली शंकर महादेव धाम में आयोजित विशेष दीक्षा समारोह में करीब 11 हजार श्रद्धालुओं ने दीक्षा ग्रहण की। हरिद्वार और रायवाला स्थित मिश्री मठ आश्रमों में श्रद्धालु वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
महामंडलेश्वर करौली शंकर दास जी महाराज ने कहा कि दीक्षा बंधन नहीं, बल्कि मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु पर पूर्ण विश्वास और समर्पण रखने का आह्वान किया। सचिव जगतार मुनि जी ने कहा कि जिस गुरु को स्वीकार करें, उसके प्रति पूर्ण समर्पण रखें, जबकि महंत भगत राम जी महाराज ने गुरु को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने वाली दिव्य शक्ति बताया।
समारोह में श्रद्धालुओं ने सनातन धर्म के वैज्ञानिक स्वरूप के प्रचार तथा रोग-मुक्त और शोक-मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी लिया।