हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान भारी बारिश के बीच जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने गुरुवार को नारसन बॉर्डर से हरिद्वार तक यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात और कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नारसन बॉर्डर पर अधिकारियों ने चेक पोस्ट और ट्रैफिक डायवर्जन व्यवस्था देखी। साथ ही कांवड़ यात्रियों के लिए लगाए गए भंडारों और सेवा शिविरों का भी निरीक्षण किया। डीएम और एसएसपी ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग का उपयोग करने, यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
अधिकारियों ने बताया कि शासन-प्रशासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार 10 फीट से अधिक चौड़ी और 12 फीट से अधिक ऊंची कांवड़ को जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसी तरह मानकों के विपरीत डीजे को भी नारसन बॉर्डर से वापस भेजा जा रहा है। सीमा पर तैनात अधिकारियों को वाहनों, कांवड़ और डीजे की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
भारी बारिश के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों का भी डीएम और एसएसपी ने निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों और कांवड़ यात्रियों को परेशानी न हो।
डीएम ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से संयम और अनुशासन के साथ प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की।
निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, तहसीलदार विकास अवस्थी, अपर तहसीलदार रुड़की शुभांगिनी समेत पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।