हरिद्वार। श्रावण मास में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर जाने वाले कांवड़ियों की सेवा भगवान शिव की आराधना के समान है। कांवड़ियों की सेवा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। यह बात महंत स्वामी दुर्गेशानंद सरस्वती ने श्री ललितांबा देवी ट्रस्ट की ओर से श्री मानव कल्याण आश्रम में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर में प्रसाद वितरण का शुभारंभ करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि कनखल भगवान शिव की ससुराल है। हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर प्रतिदिन लाखों कांवड़िये इस क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। ऐसे में उनकी सेवा करना श्रद्धा और गौरव का विषय है। ट्रस्ट की ओर से एक सप्ताह तक कांवड़ियों को भोजन प्रसाद वितरित किया जाएगा।
ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरुद्ध भाटी ने कहा कि ब्रह्मलीन ललितांबा माताजी और ब्रह्मलीन कल्याणानंद सरस्वती का जीवन धर्म प्रचार और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उनकी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट की ओर से पिछले कई दशकों से कांवड़ मेले में सेवा शिविर लगाया जा रहा है।
ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष रेणुका बेन एल. ठक्कर ने कहा कि श्रावण मास में सेवा का विशेष महत्व है। हरिद्वार आने वाला प्रत्येक कांवड़िया पूजनीय है और उसकी सेवा करना सच्ची ईश्वर आराधना है।
इस दौरान ट्रस्ट के उपाध्यक्ष बहादुर सिंह वर्मा, स्वामी हंसानंद, क्षेत्रीय पार्षद भूपेंद्र कुमार, सुरेंद्र मिश्रा, संजय वर्मा, महेंद्र, मिथलेश आदि मौजूद रहे।