देहरादून। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय है।
सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। इससे पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम करोड़ों महिलाओं के सपनों और संघर्षों को नई दिशा देने का काम करेगा। साथ ही लोकतंत्र को और मजबूत बनाने में भी इसकी अहम भूमिका होगी।
माला राज्य लक्ष्मी शाह ने उत्तराखंड की महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की महिलाएं कठिन परिस्थितियों में भी साहस, त्याग और समर्पण का उदाहरण रही हैं। आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह अधिनियम “सशक्त नारी, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा और देश को अधिक समावेशी व प्रगतिशील बनाएगा।