देहरादून। डीआरडीओ के अनुदान पर चलने वाले स्कूल को बेचे जाने पर माहौल गर्मा गया है। जिसके चलते शिक्षकों कर्मचारियों व अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। साथ ही मौके पर डायरेक्टर को बुलाने की मांग की गयी। डीआरडीओ इस स्कूल को समिति के माध्यम से चला रहा था।
आज प्रातः रायपुर स्थित डीआरडीओं के अनुदान पर चलने वाले विघालय में जब शिक्षक पहुंचे तो वहां पर हाजरी रजिस्टर न पाकर सकते में आ गये। इसी दौरान वहां पर डीएवी पब्लिक स्कूल के शिक्षक व अधिकारी पहुंचे और उन्होंने इस विघालय के शिक्षकों व कर्मचारियों के सामने डीएवी पब्लिक स्कूल का रजिस्टर रखकर उनसे उस पर हस्ताक्षर करने के लिए बोला। जिस वहां पर मौजूद शिक्षकों व कर्मचारियों ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उनको बताया गया कि यह विघालय डीएवी पब्लिक स्कूल ने खरीद लिया है और आज से उनको उनके रजिस्टर पर ही हस्ताक्षर करने पडेंगे। यह बात सुनते ही वहां पर मौजूद शिक्षकों व कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही स्कूल में पढने वाले बच्चों के अभिभावक भी वहां पर पहुंच गये और सभी ने वहां पर जमकर हंगामा काटा। उनका कहना था कि उनको बताये बिना उनके भविष्य से खिलवाड किया गया है।
इस विघालय के बिकने की खबर सुनते ही आसपास के ग्रामीण भी वहां पर एकत्रित हो गये। जिसके बाद अभिभावकों व शिक्षकों ने जमकर हंगामा करते हुए डायरेक्टर अजय कुमार को मौके पर बुलाने की मांग को जोरशोर से उठाना शुरू कर दी। कर्मचारियों का कहना था कि उनको सूचित किये बगैर वह स्कूल को कैसे बेच सकते है। इससे तो डीआरडीओ व स्कूल प्रशासन के द्वारा उनके भविष्य से खिलवाड किया गया है। यही नहीं वहां पढने वाले लगभग 150 बच्चों के भविष्य से खिलवाड किया गया है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि उनके साथ खिलावाड़ किया जा रहा है। अभी नया सत्र शुरू होने पर उन्होने नई कितावे व ड्रेस बनवाई थी। जिसे यह लोग बदलने की बात कर रहे है।
वहीं मामले में यह भी जानकारी सामने आयी है कि डीआरडीओ इस विघालय को समिति के माध्यम से चला रहा था जिसमें कई कर्मचारी सविंदा पर कार्यरत है।