हरिद्वार, 24 अगस्त। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों से जुड़ी 70 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 34 का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि बाकी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के लिए भेजा गया।
जनसुनवाई में भूमि विवाद, राजस्व, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित मामले प्रमुख रहे। फरियादियों ने सड़क किनारे नाली निर्माण, आवास, गोल्डन कार्ड से इलाज, भूमि की पैमाइश और अवैध कब्जे सहित विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाए। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण जरूरी है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समस्या का समाधान करें। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
36 दिन से लंबित शिकायतों पर सख्ती
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी सभी शिकायतों का 31 अगस्त तक हर हाल में निस्तारण किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में शिकायतों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी का अगस्त माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। समीक्षा में एल-1 स्तर पर 382 और एल-2 स्तर पर 98 शिकायतें लंबित पाई गईं। अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के साथ शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर उनकी समस्या की स्थिति जानने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, सीएमओ डॉ. आरके सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।