हरिद्वार। पथरी थाना क्षेत्र के शिवगढ़ स्थित एक मंदिर में दो साधुओं की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार मंदिर की गद्दी को लेकर हुए विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस के मुताबिक 21 जुलाई को दो साधुओं की हत्या कर शवों को गड्ढे में दबाने की सूचना मिलने पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने मंदिर में मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की। जांच के दौरान मृतकों के परिचितों की संलिप्तता सामने आई।
गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने बुधवार को काठा पीर के जंगल से अंकुर उर्फ अखिल गिरी, आशु और राममिलन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक पारसगिरी ने सेवागिरी को मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी बना दिया था, जिससे वे नाराज थे। इसी विवाद में चारों आरोपियों ने पहले सेवागिरी और फिर पारसगिरी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शवों को मंदिर परिसर के पास गड्ढा खोदकर दबा दिया। आरोपियों ने खून के निशान मिटाने के लिए हाल की सफाई की और खून से सना गद्दा भी जला दिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो फावड़े और एक धारदार पत्थर (पाठल) बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि फरार चौथे आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।