हरिद्वार। वर्ष 2036 में भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी का अवसर मिले और देश खेलों में विश्व की महाशक्ति बने, इस संकल्प के साथ खेल मंत्री रेखा आर्य ने सोमवार को हरकी पैड़ी से कांवड़ उठाई। उन्होंने मां गंगा का विधि-विधान से पूजन कर गंगाजल भरा और करीब 22 किलोमीटर की पैदल यात्रा के लिए ऋषिकेश रवाना हुईं। ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर में वह भगवान शिव का रुद्राभिषेक करेंगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज, महेश पुरी महाराज समेत कई साधु-संत मौजूद रहे। खेल मंत्री ने हरकी पैड़ी पर मां गंगा को नमन कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद भोलेनाथ के जयघोष और भक्ति गीतों के बीच उन्होंने पैदल कांवड़ यात्रा शुरू की। यात्रा में कई खेल प्रेमी भी शामिल रहे।
खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि उनके दो महत्वपूर्ण संकल्प हैं। पहला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की सफल मेजबानी भारत को मिले और उसका भव्य आयोजन हो। दूसरा, भारत को खेलों के क्षेत्र में विश्व की खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से दोनों संकल्प अवश्य पूरे होंगे।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने रेखा आर्य के संकल्प और भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि रेखा आर्य के दोनों संकल्प पूर्ण हों और भारत खेल जगत में नई ऊंचाइयां हासिल करे।
रेखा आर्य ने पिछले वर्ष भी हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर 22 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा की थी और वीरभद्र मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। उस समय उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया था। इस बार वह 2036 ओलंपिक की मेजबानी और भारत को खेल महाशक्ति बनाने के संकल्प के साथ कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। यात्रा में उनके पति भी उनके साथ हैं।