पंचलेश्वर नाथ महादेव मंदिर एक अत्यंत प्राचीन और महाभारत कालीन स्थल है। यहाँ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ‘गंगा दशहरा’ के पावन अवसर पर एक भव्य मेले का आयोजन किया गया, जहाँ दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु पहुचे और गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई।साथ ही यति शिवानंद गिरी जी महाराज बने पंचलेश्वर नाथ महादेव मन्दिर के महन्त श्री पंचदसनाम जूना अखाड़ा के महामण्डलेश्वर श्री यति नरसिंहआनंद गिरि जी महराज द्वारा चादर ओढ़ाकर शिवानंद महाराज जी को श्री पंचलेश्वर नाथ महादेव मंदिर का महत्व नियुक्त किया गया श्री महंत रणसिंहानंद गिरि जी एव अनेक साधु संत का आशीर्वाद भी यति शिवानंद जी महराज को मिला
पंचलेश्वर महादेव मंदिर की विशेषताएं उल्टी बहती गंगा: यह स्थान इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि मान्यता के अनुसार, यहाँ गंगा की धारा आधे किलोमीटर तक पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर (उल्टी) बहती है।पांडवों से संबंध: इस मंदिर की स्थापना पांडवों द्वारा अपने अज्ञातवास के दौरान की गई थी। यहाँ विराजमान शिवलिंग स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है।गंगा दशहरा मेला आयोजन महत्व: गंगा दशहरा पर श्रद्धालु यहाँ पूजा-अर्चना करते हैं और गंगा में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।मेला: मेले के दौरान मंदिर परिसर और इसके आसपास स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है, सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल भी तैनात रहता है।