। प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को देश की जरूरत बताते हुए संत समाज से इसके पक्ष में जनजागरण का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। चुनाव प्रक्रिया में प्रशासनिक मशीनरी, शिक्षक, पुलिस और सुरक्षा बल लंबे समय तक चुनावी ड्यूटी में लगे रहते हैं, जिससे जनसेवा और विकास कार्यों पर असर पड़ता है। एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने से समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों की बचत होगी तथा विकास कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे अपने प्रवचनों के माध्यम से जनता को ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा मुद्दा है। देश सबसे पहले है और देश मजबूत होगा तो लोकतंत्र और राजनीतिक व्यवस्था भी मजबूत होगी।
केंद्रीय मंत्री ने वंदे मातरम के पूरे स्वरूप का समर्थन करने की भी अपील की। उन्होंने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारत को अब किसी भी रूप में विभाजित नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, सुशासन और जनकल्याण से जुड़ा विषय है। लगातार चुनाव होने से आचार संहिता लागू होने के साथ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और पुलिसकर्मियों को चुनावी जिम्मेदारियों में लगाया जाता है। इससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए विकास की गति लगातार बनी रहनी चाहिए। शासन का अधिकतम समय रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढांचे और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में लगना चाहिए। उन्होंने संत-महात्माओं से इस विषय पर समाज का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज, स्वामी रामदेव, श्रीमहंत रविंद्र पुरी, श्रीमहंत हरिगिरि, साध्वी प्राची, महंत दाती महाराज, स्वामी यतीश्वरानंद सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।